Friday, 24 December 2010

पंचायत चुनावों में बसपा ने किया लोकतंत्र को शर्मशार : विपक्ष

जागरण ब्यूरो, लखनऊ सपा कांग्रेस और भाजपा ने सत्तारुढ़ बहुजन समाज पार्टी पर प्रशासनिक आतंकवाद का आरोप लगाया है। विपक्षी दलों ने बसपा पर निशाना साधते हुए कहा है कि उसने पंचायत अध्यक्ष चुनाव की तरह ब्लाक प्रमुख चुनाव में भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया की धज्जियां उड़ा दी हैं। इससे लोकतंत्र शर्मशार हो गया। समाजवादी पार्टी ने आशंका जताई है कि बुधवार को ब्लाक प्रमुख चुनाव के लिए होने वाले मतदान में भी बसपा नेता, प्रशासन के सहयोग से बूथों पर कब्जा करेंगे। उसने निर्वाचन आयोग से मांग की है कि वह किसी भी तरह इस पर रोक लगाए। सपा प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने मंगलवार को यहां कहा कि मुख्यमंत्री मायावती के इशारे पर बसपा नेताओं ने चुनाव जीतने का घटिया तरीका अपना रखा है। प्रशासन उनके हाथों की कठपुतली बन कर रह गया है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता हृदयनारायण दीक्षित ने कहा कि ब्लाक प्रमुख चुनाव में बसपा का कई सीटों पर निर्विरोध चुनाव जीतना ही यह साबित करता है कि उसने दबंगई के बल पर प्रतिपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन करने से ही वंचित कर दिया। उन्होंने कहा कोई कितना ही लोकप्रिय क्यों न हो, उसका निर्विरोध निर्वाचन संभव नहीं। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता द्विजेन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि बसपा ने लोकतंत्र को लूटतंत्र में बदल दिया है। चाहे सरकारी संपत्ति का मामला हो या वोटों की, बसपा ने सारे रिकार्ड ध्वस्त कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि ब्लाक प्रमुख के चुनाव में भी सत्ता की दबंगई के चलते नामांकन के दिन ही 821 ब्लाकों में 230 जगह निर्विरोध निर्वाचन हो गया। नामांकन वापसी के दिन भी तमाम क्षेत्रों में बसपा के नेताओं द्वारा प्रशासनिक आतंकवाद के जरिए विरोधियों की नाम वापसी कराई गई।

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